ताज़ा ख़बरें

*श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव के बाद नंदोत्सव की रही धूम,*

खास खबर

*श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव के बाद नंदोत्सव की रही धूम,*
*कथा में बाल लीलाओं ने श्रद्धालुओं को किया भाव-विभोर*

खण्डवा। श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति खण्डवा द्वारा अनाज मंडी प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिवस दोपहर 2:30 बजे से शाम 6 बजे तक कथा वाचक देवी कृष्णप्रिया दीदी ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के पश्चात की बाल लीलाओं, नंदोत्सव तथा गोकुल में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप में विचरण ,माखन चोरी, एवं गौचारण की लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। कृष्ण की बाल लीलाओं के प्रसंगों ने कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

मीडिया प्रभारी नारायण बाहेती एवं सुनील जैन ने बताया कि दीदी कृष्णप्रिया जी ने गिरिराज जी की महिमा का विस्तृत वर्णन किया।कृष्ण पाप,ताप व संतान को हरते है,इसलिए काले है। पूतना के मोक्ष की कथा बताई।कन्हैया नाम माँ यशोदा ने दिया।कृष्ण नाम यदुवंश के गुरु गर्गाचार्य जी ने दिया। कथा के प्रारंभ में श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ समिति खण्डवा के अध्यक्ष उत्तम मित्तल ने स्वागत उद्बोधन दिया।
इस अवसर पर मुख्य यजमान राजेन्द्र अग्रवाल, श्रीमती आशा अग्रवाल, संतोष अग्रवाल, श्रीमती संगीता अग्रवाल, अमित अग्रवाल एवं शुभम अग्रवाल तथा समिति अध्यक्ष उत्तम मित्तल, सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल, रामस्वरूप बाहेती एवं घनश्यामदास शाह ने व्यासपीठ का विधिवत पूजन कर कथा वाचक देवी कृष्णप्रिया दीदी से आशीर्वाद प्राप्त किया।रामकिशोर मुंदड़ा,कमल किशोर खंडेलवाल, पंकज मुंदड़ा,संजय अग्रवाल मित्र मण्डल द्वारा गिरिराज को 56 भोग की प्रसादी का भोग लगाया।
कथा में प्रकाश नरेडी,रामस्वरूप बाहेती, सुनील बंसल,ओमप्रकाश अग्रवाल,नारायण बाहेती, रामकिशोर मुंदड़ा,सुनील जैन, राजेश अग्रवाल, विनोद अग्रवाल,सुरेश शाह,पंकज शाह,अरुण बाहेती,विजय राठी,रामस्वरूप अग्रवाल भीकनगांव, यजमानों के विद्वान पंडितों सहित हरदा, सिंगोट ,भीकनगांव एवं खण्डवा से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरुष एवं महिलाएं उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया और भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का आनंद लिया।
कथा के समापन पर विधिवत महाआरती की गई तथा श्रद्धालुओं को प्रसाद का वितरण किया गया। महाआरती के साथ पांचवें दिवस की कथा का विराम हुआ। अंत में समिति के सचिव शैलेन्द्र अग्रवाल ने सभी यजमानों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!